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बुलडोजर रैली के बाद सड़को पर दौड़ा ट्रैक्टरों का रेला, निर्वाचन आयोग और आईटीएमएस क्या देख पा रहा ये नजारा

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0 मेयर के लिए 15 लाख खर्च की सीमा हास्यास्पद
0 कह रहे आमजन इससे ज्यादा तो वार्डो में हो रहा खर्च

बिलासपुर। विधानसभा के बुलडोजर बाबा की धमक का जवाब निकाय चुनाव में कांग्रेस ने ट्रैक्टर से तो दे दिया पर क्या मुकाबले में खरी उतरेगी। दरअसल बुधवार की शाम से लेकर रात तक सड़को में कांग्रेस की ट्रैक्टर दौड़ी।लोग देखते रह गए चर्चा इस बात की रही कि क्या आईटीएमएस और चुनाव आयोग भी ये सब देख रहा या देखा जिनकी बड़ी जिम्मेदारी है।

निर्वाचन आयोग ने महापौर प्रत्याशी के लिए खर्च की सीमा 15 लाख तय की है।आचार संहिता लागू होने के बाद कलेक्टर ने पत्रवार्ता में निर्वाचन प्रक्रिया जानकारी देते हुए बताया था कि महापौर पद के प्रत्याशी अधिकतम 15 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे। प्रत्याशियों को अलग से बैंक खाता खुलवाना और तय नियम के तहत खर्च का ब्योरा देना पड़ेगा। वहीं पार्षद पद के प्रत्याशियों के लिए खर्च की सीमा तय नहीं की गई है।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी सुशांत शुक्ला ने यूपी के सीएम के बुलडोजर बाबा की झांकी दिखाने बुलडोजर रैली निकाली थी।

सवाल यह उठ रहा कि चुनाव में दोनों प्रमुख दलो से लेकर समानन्तर दखल रखने वाले निर्दलीय भी बैंनर पोस्टर बाजे गाजे दौरे और सभाओ में इससे कईं गुना ज्यादा खर्च कर चुके है और कर रहे है।
चर्चा ये भी है कि 15 लाख में तो पार्षदो का कुछ नई होने वाला है वार्डो में इससे ज्यादा खर्चा है तो मेयर का चुनाव कितना महंगा होगा ये सोचने की बात है।
सारे ट्रैक्टरों पर एक प्रत्याशी के बैनर लटक रहे थे जो पूरे शहर में चर्चा का केंद्र रहा।

  यदि ये ट्रैक्टर किराये पर लिए गए है तो लगभग कितना किराया हो रहा क्या इस पर नजर है। और यदि  खुद की एजेंसी या सहयोगी एजेंसियों से रैली के लिए मंगाई गई है तो क्या उपभोक्ताओं को चली हुई ट्रैक्टर बेची जा रही।

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