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पार्षद पाटिल ने जिलाध्यक्ष केशरवानी पर लगाया आंदोलन को हाइजेक करने का आरोप, मामला सड़क चौड़ीकरण के विरोध में नागरिकों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का

बिलासपुर। न्यायधानी में अब आंदोलन भी हाइजेक होने लगे। दरअसल ये आरोप लिंगियाडीह के पार्षद दिलीप पाटिल ने अपनी ही पार्टी कर जिलाध्यक्ष पर लगाया हैं, मामला अपोलो से लेकर चांटीडीह तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे मकानों व दुकानों का है। वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल के बाद अब जिला कांग्रेस अध्यक्ष मंगलवार को इनके मकानों व दुकानो को टूटने से बचाने के लिए नागरिकों को लेकर गुहार लगाने पहुँचे थे।

लिंगियाडीह के पार्षद दिलीप ने इसकी शिकायत प्रदेश संगठन से करने की बात कही है। उनका कहना कि विजय केशरवानी अब पार्षद नही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष है, वे पूरे जिले के अध्यक्ष है बेशक समस्या से पीड़ित नागरिकों की मांग को लेकर कलेक्टर या किसी भी समक्ष अधिकारी के पास जा सकते है, लेकिन इस वार्ड की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है। चाहे सड़क चौडीकरण का मामला हो या पेयजल संकट का वे वार्ड के नागरिकों के साथ लगातार संघर्ष कर रहे है, अफसरों तक उनकी आवाज और बात को पहुँचा रहे, क्या इस नाते अध्यक्ष को उन्हें इससे अवगत नही कराना चाहिए, क्या पार्षद और कार्यकर्ताओ को साथ मे लेकर नही चलना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में उनका पूर्व विधायक से इसी छपास कंपीटिशन के चलते विवाद हुआ था। पूर्व विधायक ने भी उनसे यही कहा था कि आप जिला अध्यक्ष है, मीडिया संस्थानों में विज्ञप्ति भेजते है तो कम से कम उनके भी नाम कां उल्लेख किया जाना चाहिए जो लोग आंदोलन और संघर्ष में साथ रहते है।

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जिलाध्यक्ष जिस वार्ड से पार्षद थे वही से विधानसभा चुनाव भी लडे, पर जब यहां सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लोगो के मकान दुकान तोड़ा गया तो वे पूछने तक नहीं आए। ऐसे में आंदोलन को क्या इस तरह हाइजैक करना उचित है। क्या वार्ड पार्षद और निष्ठावान कार्यकर्ताओ को पूछना उन्हें सम्मान नही देना चाहिए, ये गलत है इसकी शिकायत  वे प्रदेश नेतृत्व के समक्ष करेंगे।

दिलीप पाटिल

कांग्रेस पार्षद लिंगियाडीह

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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