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कानून व्यवस्था की स्थिति भी है सांय सांय ? मामला लिपकीय स्टाफ को ला एंड ऑर्डर ड्यूटी में झोंकने का


0 अब कानून व्यवस्था बनाने कार्यालयों के स्टाफ की लगाई जा रही ड्यूटी
0 अब तक इनसे केवल लिपिकीय कार्य लिया जाता था


बिलासपुर। एक तरफ सरकार के मंत्री नेता और अफसर कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने का दावा कर रहे। वही दूसरी तरफ सार्वजनिक उत्सवों के दौरान कार्यालयीन स्टाफ को भी ला ऐंड ऑर्डर ड्यूटी में झोंका जा रहा। सवाल यह उठ रहा कि जब सब ओके है तो इनकी डयूटी क्यो।


सम्भवतः ऐसा पहली बार हुआ है जब नवरात्र पर्व और दशहरा उत्सव पर रावण दहन के दौरान जिला कोर्ट और पुलिस अफसरों के कार्यालयों के डयूटीरत स्टाफ को दुर्गोत्सव पंडालों के आसपास और सड़क पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को क्लियर कराने, दशहरे पर रावण दहन और दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए सड़क पर उतारा गया।
सवाल यह उठ रहा कि क्या कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी नही है और यदि है तो फिर इनकी ड्यूटी क्यो। ये सवाल इसलिए भी  उठ रहा क्योंकि सत्तासीन मंत्री और नेता तो जिले ही नही पूरे प्रदेश के कानून व्यवस्था के बेहतर होने के दावे कर रहे है। फिर कार्यालयीन स्टाफ की जरूरत क्यो।
पुलिस विभग के लिपिकीय स्टाफ की माने तो पहले उनसे केवल कार्यालय का काम लिया जाता था। इसके अलावा सिर्फ चुनाव कार्य मे ही उनकी ड्यूटी लगाई जाती थी।


क्या चुस्त दुरुस्त करने का फंडा-


वही कुछ लोगो का कहना है कि लिपिकीय कार्य करते करते
कार्यालयीन स्टाफ अपना मूल काम ही भूल गए है। सम्बवतः उन्हें चुस्त दुरुस्त रखने ये पहल की जा रही तो इसमे बुराई क्या है।

नही मिल रहा साप्ताहिक अवकाश भी

तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पुलिस कर्मियों को मानसिक तनाव और कामकाज के बोझ से निजात दिलाने सप्ताह में एक दिन अवकाश देने पहल की थी जिस पर आज तक अमल नही हुआ।

तो दे देते अवकाश

पुलिस कर्मियों का कहना है कि बड़े अफसर हवाई घोड़े पर सवार है। डयूटी चार्ट डीएसबी से बनकर आता है। यदि लाएंड ऑर्डर के लिये कार्यालयीन स्टाफ की ड्यूटी लगाना था तो उन्हें दिन में राहत देना था ताकि रात में वे काम कर सके।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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