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“न विधायक की घुड़की से, न कांग्रेस अध्यक्ष की चेतावनी से — अपोलो गरीबों का हक मार रहा मनमानी से!”

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0अपोलो में इलाज सिर्फ पैसे वालो का, अब भी दर-दर भटक रहे मरीजो के परिजन

0 कही जमीन जायजाद बेचकर तो कही मंगलसूत्र गिरवी रख करा रहे इलाज


बिलासपुर। शहर के चर्चित निजी अस्पताल अपोलो का रवैया इन दिनों सुर्खियों में है। इतनी सुर्खियों में कि विधायक की घुड़की जिला कांग्रेस अध्यक्ष की चेतावनी और स्वास्थ्य महकमे के अफसर के लगातार पत्र्त भेजकर चेतावनी देने के बाद भी अब तक गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों के बीमार और घायलों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना को ठेंगा दिखा रहा…

आंदोलन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम कोशिशों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन अब तक अपनी मनमानी पर अड़ा है। न विधायक की घुड़की काम आई, न कांग्रेस अध्यक्ष की चेतावनी, न ही स्वास्थ्य विभाग के कई पत्रों का असर हुआ। विधायक ने करीब 5-6 माह पूर्व ही अपोलो प्रबंधन को फटकार लगाई थी कि गरीबों को योजना का लाभ देना होगा या अपना बोरिया बिस्तर बांधकर अस्पताल परिसर को खाली करिए,

  इसके बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला और यहां भर्ती और मरीजो के फर्जी डॉक्टर की सर्जरी से मौत का मामला सामने आने पर कांग्रेस ने तीन तूफान मचाया। आंदोलन कर न्याययात्रा निकाल प्रदर्शन किया। अपोलो प्रबंधन से आयुष्मान योजना से गरीबो का निशुल्क कॉलेज करने और आपोलो में पदस्थ डॉक्टरों के डिग्री और पूरा बॉयोडाटा मांगा वो भी आज तक अपोलो प्रबंधन ने नही दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “अपोलो गरीबों का हक़ मार रहा है, ये सिर्फ पैसे वालों के लिए खुला है।” उन्होंने चेताया कि अगर अस्पताल ने जल्द योजना लागू नहीं की, तो पार्टी सड़क पर उतरेगी। पर लगता है, अपोलो को अब किसी चेतावनी या फटकार से फर्क नहीं पड़ता।

स्वास्थ्य विभाग को बना लिया चना मुर्रा

तत्कालीन सीएमएचओ प्रमोद तिवारी रिटायर हो गए, दूसरे सीएमएचओ शुभा गढेवाल ने भी पत्र पर पत्र भेजे की केंद्र सरकार की महती योजना आयुष्मान योजना को तत्काल लागू करे पर आपोलो प्रबंधन ने पक्ष-विपक्ष के नेताओ और प्रशासन सबको ठेंगा दिखा दिया। शहर के गरीब और मध्यम वर्ग के लोग रोज़ाना अपने घायलों और बीमार मरीजो को लेकर आयुष्मान कार्ड के भरोसे अपोलो पहुच रहे लेकिन  उन्हें यहां आयुष्मान योजना लागू नही है कहकर लौटा दिया जा रहा।

इज़के चलते न्यायधानी और अंचल के रहवासी उपचार के लिए खून के आंसू रो रहे है,आमजन का कहना है कि“हमारे पास इलाज कराने के पैसे नहीं हैं, सरकार ने कार्ड तो बना दिया पर फायदा नहीं,मिल रहा।”  उनका कहना है कि जब सरकारी योजनाएँ अमल में ही नहीं आतीं, तो उनका प्रचार क्यों?

पब्लिक का कहना है कि ये कमजोर नेतृत्व और कमजोर विपक्ष का नतीजा है कि हमारी जमीन पर इतना बड़ा अस्पताल खोलने वाला कार्पोरेट अपोलो प्रबंधन किसी की नही सुन रहा।

शुभा गढ़ेवाल, सीएमएचओ बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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