

0 किसका संरक्षण जो ऐसे हो रहा चीतलों का भक्षण

0 मामला सीपत क्षेत्र के ग्राम मंजूरपहरि का
बिलासपुर। वन्यप्राणी संरक्षण का हाल पौधारोपण अभियान की तरह है। बिलासपुर वन विभाग की टीम ने फिर वन्यप्राणी के अवैध शिकार के मामले में एक घर में दबिश देकर चीतल का मांस बरामद कर दो आरोपियों को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।
वन परिक्षेत्र बिलासपुर और उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने
मुखबिर से मिली वन्यप्राणी के अवैध शिकार से संबंधित गतिविधि की सूचना पर सीपत क्षेत्र के ग्राम मंजूरपहरी के दहाइतपारा के एक घर में दबिश देकर चीतल का मांस बरामद कर आरोपी चैनसिंह (40) और राजकुमार (40), को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपियों ने चीतल का अवैध शिकार कर उसके मांस को पकाकर खाने की तैयारी करना स्वीकार किया।
घटना कब और किस स्थान पर हुई मामले में और कौन कौन शामिल है इसका भी पता लगाना है। इससे पहले भी कोटा क्षेत्र के एक रिसोर्ट से चीतल के मांस पार्टी का मामला सामने आ चुका है, लगातार सामने आ रहे मामलों ने जाहिर कर दिया कि तनखैय्या किस तरह वन्य जीवों के संरक्षण के लिए काम कर रहे है और जंगल में कैसे चितल पार्टी चल रही है...!
ये कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पांडेय और वनमंडलाधिकारी नीरज के निर्देश पर, उपवनमंडलाधिकारी टी.आर. मरई के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा के नेतृत्व में करना और
संयुक्त टीम में उड़नदस्ता प्रभारी ऋतु साहू, वनक्षेत्रपाल शिव कुमार नाग, डिप्टी रेंजर संगीता तिर्की, वनपाल लोकमणी त्रिपाठी, जॉन केनेडी और सुनील कुमार जायसवाल वन परिक्षेत्र बिलासपुर से सीपत के प्रभारी लक्ष्मीकांत गढ़ेवाल, मंजूरपहरी के परिसर रक्षक राजकुमार चेलकर और कारीछापर के परिसर रक्षक राजा बघेल की मौजूदगी बताई जा रही।
किनके लिए पकाने की थी तैयारी
सवाल यह उठ रहा कि क्या जो आरोपी पकड़े गए है क्या वही आरोपी है, वे आरोपी कहा है जिनके लिए ये चितल का मांस पकाया जा रहा था।



