

0 फायर रोधी सिस्टम के नाम पर केवल झांकी

0 दिवाली में मंगाना पड़ता है दमकल

बिलासपुर / न्यायधानी के सिटी कोतवाली परिसर के मल्टीलेवल पार्किंग को दो साल भी पूरे नही हुए और रखरखाव के अभाव में यह खंडहर व कबाडग़ंज में तब्दील हो गया। ये नतीजा है फेलियर इंजीनियरिंग और उचित देखरेख न होने का। रैम्प उधड़ने धंसने लगे है, दीवारों में जगह- जगह दरारे उभर आई है, सीपेज के कारण जगह जगह जलभराव की स्थिति है, करोड़ो के पार्किंग के बाद भी गाडियां सडक पर है, वही पार्किंग मंथली बेसेस पर इतना चल रहा कि गाड़ियां खड़े करने की जगह नही। निकासी का इंतजाम न होने के कारण बेसमेंट में पानी भरा रहा और गाड़िया तैरते रही। हालांकि यहां ज्यादातर कंडम गाड़िया दिखाई दे रही जो महीनों से धूल खाते खड़ी दिख रही।

स्मार्ट सिटी लिमिटेड के फंड से सिटी कोतवाली परिसर के लगभग 1 एकड़ एरिया में निर्मित इस जी प्लस 3 मंजिले पार्किंग का गत नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव देव से से तामझाम के साथ लोकार्पण कराया गया, जो 1 साल 10 माह में ही अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा। बेसमेंट की दीवारों पर जलभराव के निशान अभी भी बरकरार है, दीवारों के प्लास्टर उधड़े और गन्दगी भरपूर है। प्रथम तल में सामने की दुकानें तो खुली है, अंदर अंधेरे और गन्दगी के बीच दुकानों के शटर पर किराए से देने के फ्लेक्स लगे है।
उधड़ी रैंप
मल्टीलेवल पार्किंग के पड़थ्म तल के रैम्प का प्लास्टर उधड़ गया है, जिसके कारण गाड़ियों के आवागमन से उधड़ा हिस्सा गड्ढे में तब्दील होता जा रहा।
दीवारों पर उभरी दरारे
फ्लोर 3, पार्किंग- क्षमता 180
3 फ्लोर में निर्मित पार्किंग की उपयोगिता इसी बात से समझी जा सकती है कि यहॉ गाड़िया रखने की अब जगह ही नही, ज्यादातर जगह बुक है। ये बात अलग है कि गोलबाजार, शास्त्री मार्किट और तेलीपारा रोड में गाड़ियों का रेला लगा रहता है पर पार्किंग भी खचाखच भरा है, वो ऐसे की बाज़ार आने वाले लोग भले सड़क पर गाड़ी खड़ी कर रहे पर गोड़पारा, जूनाबिलासपुर, तेलीपारा और आसपास के ऐसे रहवासी जिन्होंने गाड़िया तो ले ली है पर उनके पास रखने की जगह नही ये उनके काम आ रही, लाखो रुपये की गाड़ियों को कोई स्क्रैच मारकर खराब न कर दे इसलिए लोग यहाँ 600 रुपये मासिक में गाड़िया खड़ी करते है, और स्कूटी से आते है स्कूटी छोड़ कर ले जाते है।
सफाई नही
पूरे परिसर की ज़फाई व्यवस्था का हाल बेहाल है जबकि परिसर के ठीक सामने ही निगम का सफाई दफ्तर और जोन कार्यालय है। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था बेहद बदहाल है।
वाह रे इंजीनियरिंग 1 एकड़ के परिसर में नही नाली
स्मार्ट सिटी और नगर निगम कहने को अलग है पर मोनिटरिंग तो निगम के इंजीनियरों की रही, इसके बावजूद इस 1 एकड़ परिसर में निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग के चारो ओर नाली का प्रावधान तक नही किया गया। ये तो है इंजीनियरिंग का हाल नतीजतन सड़क और छत के बारिश का पूरा पानी बेसमेंट में कमर तक भर जाता है और गाड़ियां तैरती है। पता नही ये गाड़िया पानी भरने के कारण खराब हुई या कंडम ही खड़ी की गई है।
गेट तक नही 3 गार्ड का भरोसा
इस मल्टीलेवल पार्किंग में दोनो ओर गेट तक का प्रावधान नही किया गया है, 3 गार्डों के भरोसे पूरा परिसर 24 घण्टे भरभंग खुला रहता है।
फायर सिस्टम के नाम पर सिर्फ झांकी
करोड़ो के मल्टीलेवल पार्किंग में रोजाना करोड़ो की गाड़ियां खड़ी होती है पर यहां फायर फाइटर सिस्टम तक नही है।
यानी यदि कोई अनहोनी कोई आगजनी होती है तो आग बुझाने का कोई इंतजाम तक नही है होस पाइप और जाला माला जरूर लटकाकर छोड़ दिया गया पर वो सिर्फ झांकी है।
दमकल के भरोसे निकल गई दो दिवाली
सिटी कोतवाली और कलेक्ट्रेट परिसर के मल्टीलेवल पार्किंग के रखरखाव व संचालन का ठेका राजेन्द्र जायसवाल को दिया गया है, आग बुझाने का कोई इंतजाम ही नही इसलिए एहतियातन दिवाली पर्व के दौरान यहां दमकल बुलवाकर खड़ा कराया जाता है।



