

0 एसईसीएल,कोडविद्या और डीएवी का संयुक्त आयोजन

0 मुख्यातिथि निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने चयनित प्रतिभागियों को चेक और कैप भेंट कर किया पुरस्कृत
बिलासपुर– एसईसीएल, कोडविद्या इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और डीएवी पब्लिक स्कूल ने विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा और नवाचार को मंच देने बुधवार को वसंत विहार के डीएवी पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में “आइडियाथॉन 2026” का आयोजन किया। अपनी प्रतिभा के दम पर चयनित शीर्ष 10 टीमों ने अपने स्टार्टअप आइडिया और प्रोटोटाइप प्रस्तुत कर स्किल इंडिया का संदेश देते हुए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के तालमेल से तैयार भविष्य की जरूरतों और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किये निर्णायकों ने आइडिया की मौलिकता, तकनीकी समझ और समस्या के समाधान के तरीके के आधार पर टीमों का चयन किया और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि SECL के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने चयनित प्रतिभागियों को चेक का कैप भेंट कर प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया।

विद्यार्थियों ने रोबोट और विभिन्न प्रोटोटाइप के जरिए रोजमर्रा की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पेश किए।
मूल्यांकन के बाद डॉग्स के लिए स्मार्ट वॉच तैयार करने वाली टीम को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। विजेता टीम को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं AI शिक्षकों वाले ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म को दूसरा स्थान मिला और टीम को 30 हजार रुपये पुरस्कार दिए गए। तीसरे स्थान पर “न्याय मित्र” रहा, जो आम लोगों की कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। तीसरे स्थान की टीम को 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
9 डीएवी स्कूलों में चल रही पहल
यह पहल SECL के अंतर्गत आने वाले सभी 9 डीएवी स्कूलों में संचालित की जा रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और उद्यमिता जैसे विषयों में कौशल शिक्षा दी जा रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि SECL के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और ऐसे मंच उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने तथा आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
कोडविद्या के संस्थापक शिवराम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला यानी जॉब क्रिएटर बनाना है। उन्होंने कहा कि “माई स्कूल माई स्टार्टअप” इसी सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास है.. डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य के. पार्थिपन ने बताया कि विद्यार्थियों ने कई रोबोट और प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए, जो उनकी रचनात्मकता और तकनीकी समझ को दर्शाते हैं..
बिरंची दास , निदेशक (मानव संसाधन) SECL



