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फेलवर योजनाओं से लदे बिलासपुर की पीठ पर अब एक और फेल पायलट प्रोजेक्ट का बोझ, 24×7 का था दावा 2 माह में दूसरी बार टें बोला ग्रीन, 2 दिन से चावल नही 10 की दे रहे पेशी…!

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0 तारीख पे तारीख से पब्लिक हलाकान


0 10 अक्टूबर के बाद की डके रहे पेशी

बिलासपुर/ पता नही क्यो विलासपुर आकर शासन की योजनाएं टें बोल दे रही। फेलवर योजनाओं से लदे न्यायधानी में अब 24 घण्टे और बड़े बड़े हवाई दावे वाली ग्रेन एटीएम ने फिर दम तोड़ दिया। परिसर के गेट पर एक बार फिर चावल खत्म है का गत्ता लटक रहा।
पूछने पर बताया गया कि 2 दिन हो गए चावल खत्म हुए, अब दो दिन बाद 10 अक्टूबर तक चावल आएगा ऐसा बताया गया।

नकल से नही होगा

भारत में पहला 24/7 ‘अन्नपूर्ति’ ग्रेन एटीएम योजना गत अगस्त 2024 को ओडिशा के भुवनेश्वर से शुरू किया गया था। दो माह पूर्व गत अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने राज्य के रायपुर (बीरगांव), बिलासपुर और दुर्ग (वैशाली नगर) के लिए इस सेवा का समारोहपूर्वक तामझाम और तमाम बड़े दावों के साथ ग्रेन एटीएम काशुभारंभ किया पर 24 घण्टे सब दिन के दावे वाली इस योजना ने दो माह में दो बार दम तोड़ दिया। ग्रेन एटीएम 2 दिन से ठनठन गोपाल है अब लोग लौट रहे उन्हें 10 अक्टूबर के बाद बुलाया जा रहा। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के सहयोग से तैयार तकनीक टें बोल गई। अब या तो धान का कटोरा कहलाने वाले छत्तीसगढ़ में चावल का टोंटा है, या अफसर काम नही करा पा रहे, या अफसरो का ठेका फर्म और ट्रांसपोर्टरों पर कोई नियंत्रण कोई दबाव नही है इसको लेकर चर्चा तो झमाझम है ।

ये है दावे

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक बनाने के लिए इस मशीन को लेकर बड़े दावे किए गए जिनमे…

  1. 24 घंटे 7 तो दिन
    राशन की उपलब्धता।

2-हितग्राहियो को अब दुकान खुलने के भरोसे नहीं रहेंगे। उन्हें चक्कर नही काटने पड़ेंगे।

3 लोग दिन या रात कभी भी अपनी सुविधा के अनुसार बिना काम रोजी का नुकसान किये कही से भी आकर राशन ले सकेंगे।

4- सटीक तौल के साथ तय मात्रा में बिना किसी गड़बड़ी के राशन ले सकेंगे, तौल को लेकर कोई शिकायत नही रहेगी।

5-लंबी कतार नही लगानी पड़ेगी स्वचालित मशीन से लोग महज 5 मिनट में निर्धारित मात्रा में अनाज ले सकेंगे।

6 पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से बिचौलियों और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलने का दावा किया गया था।

  1. ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से एटीएम के जरिए दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूर भी अपने हिस्से का राशन आसानी”मिलने का ढिंढोरा पीटा गया था।

बिलासपुर में ग्रीन (अन्नपूर्ति) ग्रेन एटीएम स्थापित करने लगभग 12 से 15 लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा । पर
पायलट प्रोजेक्टः फोकला फांसी हो गया।

बढ़ाये मियाद फिर भी नही मिल रहा खाद्यान्न

खाद्य विभाग ने चावल के तोते के कारण सितंबर माह के खाधान्न के वितरण की तिथि 15 अक्टूबर तक बड़ा तो दी, लेकिन हकीकत ये है कि न तो उचित मूल्य के दुकानों में खाधान्न है और न ही ग्रेन एटीएम में…

नगर निगम जैसा हाल

मंत्री- नेताओ के करीबी सप्लायर ठेकेदारों ने राहगीरों और शहरवासियों को भीषण गर्मी में ठंडा पानी मुहैया कराने नेहरू चौक, राघवेंद्र राव सभा भवन परिसर, सिम्स परिसर, मुंगेली नाका चौक, जिला अस्पताल समेत 10 जगहों पर 10-10 लाख का वाटर एटीएम लगाया पर उनमें एआज तक 10 गिलास पानी नही निकलां। अब स्थापना से लेकर अब तक सब ठप पड़े है। इसके अलावा अरपा को लंदन की टेम्स नदी की तर्ज पर विकसित करने, जलावर्धन योजना, अमृत मिशन, सीवरेज, गोकुलधाम, ट्रांसपोर्ट नगर योजना सब का हाल बेहाल है आज तक पूरी नही हुई।

क्या कह रहे जिम्मेदार

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मिलर जमा करेंगे तब न भंडारण होगा। कल कलेक्टर साहब की बैठक के बाद अब काम शुरू हुआ है एक दो दिन में व्यवस्था पटरी पर आ जायेगी।

नितिन दीवान
प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम बिलासपुर

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चावल की कमी नही चावल पर्याप्त है क्योंकि 90 फीसदी से अधिक हितग्राही खाधान्न ले चुके है, थोड़ा बहुत लोग ही बाकी है। जहाँ तक ग्रेन एटीएम का सवाल है , कोटा तय है ज्यादातर लोग यही से ले रहे इसलिए ऐसी स्थिति निर्मित हो रही।


अमृत कुजूर
खाद्य नियंत्रक बिलासपुर


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चावल की कमी नही है, जैसे जैसे डिमांड आ रही एलाट किया जा रहा, ऐसा नही है कल भी मिलरों से चावल जमा कराया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम को ग्रेन एटीएम को आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है वे बताएंगे।


विपिन उपेंद्र
जिला विपणन अधिकारी बिलासपुर

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