ब्रेकिंग

दबंग यशोदा ने नेताओ और अफसरों को धो डाला, लगाए दलाली और बिल्डरों को प्रश्रय देने आरोप, कहा आज बेजा कब्जा हो गया जिनके पैर पड़ वोट मांगने आये थे उन्ही का घर तोड़ डाला, सदमे में बच्चे की जान चले गई कौन जिम्मेदार

बिलासपुर। विकास के नाम पर की जा रही तोड़फोड़ और उसमें की जा रही राजनीति व भेदभाव से अब जनाक्रोश भड़कने लगा है। लोग दलाली का आरोप लगा पूछ रहे है कि भाजपा नेता और रसूखदारों के अवैध अट्टालिकाओं में बुलडोजर चलवाने की हिम्मत क्यो नहीं क्या केवल गरीबो के झोपड़े तोड़े जाएंगे। अपने मोहल्ले के कैंसर पीड़ित बच्चे के परिवार के लिंगियाडीह में तोड़े गए मकान के सदमे की वजह हुई बीमार बच्चे की मौत से बिफरी यशोदा देवी ने नेताओ अफसरों पर और भी गम्भीर आरोप लगाए सुनिए वे क्या कह रही।

                 यशोदा पाटिल, लिंगियाडीह
ये है मामला

बुधवार को निगम अमले ने सड़क चौड़ीकरण के लिए लिंगियाडीह में अपोलो के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई की। जैसे ही एक्सीवेटर सड़क किनारे संतोष यादव के घर को तोड़ने पहुँचा संतोष के मासूम बच्चों और पड़ोसियों ने बताया कि संतोष का छोटा बेटा गम्भीर बीमारी से ग्रसित है इसलिए वह अपनी पत्नी के साथ उसका इलाज कराने रायपुर गए है, परन्तु अफसर नही माने। संतोष ने कॉल कर अफसरों से निवेदन किया कि वह अभी रायपुर से लौट रहा और बच्चे की बीमारी के कारण परेशान है इसलिए उसे दो चार दिन की मोहलत दे दे पर अफसर नही माने उसके घर को तोड़वा दिया। संतोष जब तक पहुँचा उसके सपनो का आशियाना जमींदोज हो चुका था। उसे जो सरकारी आवास दिया गया वह एकदम जर्जर है वहा पीने के पानी तक कि व्यवस्था नही इसलिए उसे रट बिलखते अपने रिश्तेदार के घर पर डेरा डालना पड़ा।


जमींदोज घर को देख लगा सदमा


बच्चे को कीमोथेरेपी कराकर वह अपने रिश्तेदार के घर परिवार समेत ठहरा। गुरुवार को सुबह जब बच्चे ने जब चिकन खाने और टूटे घर को दिखाने जिद की तो संतोष उसे अपनी बाइक पर बिठाकर घर दिखाने निकला। बच्चे ने घर को देखा तो उसे सदमा लगा जिससे घर पहुचने के कुछ देर उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर लगते ही पूरे मोहल्ले में आक्रोश फैल गया। इसीलिए शुक्रवार को आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने वार्ड के कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल के नेतृत्व में शव को एम्बुलेंस पर रखकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगा दोषी अफसरों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को रहने लॉयक मकान देने की मांग की।

Author Profile

शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
Latest entries