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एसईसीएल ने कोल उत्पादन में फिर रचा कीर्तिमान, सीएमडी ने बताया सरकारों के सहयोग और टीमवर्क के मेहनत का परिणाम, सीएसआर मद से मुक्तिधामो में कबाड़ होते विद्युत शवदाह गृह पर सवाल, कहा कलेक्टर से करेंगे बात…

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बिलासपुर | एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में
कोयला उत्पादन, प्रेषण (आफटेक) और ओवरबर्डन निष्कासन (OBR) में शानदार प्रदर्शन करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की इकलौती सहायक कंपनी बनने का गौरव हासिल करने पर इस उपलब्धि के लिए अपने स्टाफ और छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश के सहयोग और भूमिका की सराहना की, वही सीएसआर मद के दुरुपयोग पर कलेक्टर से चर्चा करने की बात कही।

सीएमडी श्री दुहन ने बताया कि एसईसीएल ने इस वित्तीय वर्ष में 176.2 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष से 5.26% अधिक है। वहीं 178.6 मिलियन टन कोयला प्रेषण के साथ 4.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ओवरबर्डन निष्कासन में भी रिकॉर्ड 364.3 मिलियन क्यूबिक मीटर का आंकड़ा हासिल किया । वही
परिवहन के क्षेत्र में रेल माध्यम से प्रेषण में 16% और FMC के जरिए 28% की वृद्धि हुई है। उन्होंने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश सरकार के सहयोग और कर्मचारियों की मेहनत व टीमवर्क का परिणाम बताते हुए कहा कि ये देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरकार के सहयोग से 358 हेक्टेयर भूमि भूमि अधिग्रहित की गई जिससे ये मुकाम हासिल हो सका।

इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के तहत
वर्षभर में 13.96 लाख पौधरोपण करने, और महिला सशक्तिकरण व प्रभावित क्षेत्रों में सीएसआर मद से कराये गए विकास कार्यो व दुर्गापुर ओपन कास्ट प्रोजेक्ट और अमृतधारा अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट की मंजूरी को भी बड़ा कदम बताया।

इससे बिलसपुर और अंचलवासियो को क्या लाभ होगा पूछने पर सीएमडी श्री दुहन ने बताया कि कंपनी ने के तहत 365.39 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी है । कोरोना काल मे सीएसआर मद से नगर निगम को सीएसआर मद से शहर के 3 मुक्तिधामो में विद्युत शवदाह की स्थापना के लिए दिये गये डेढ़ करोड़ के दुरूपयोग के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे इसके लिए कलेक्टर से चर्चा करेंगे।

हरीश दुहन, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एसईसीएल बिलासपुर

मामला तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल और कोरोनाकाल में शहर के तीन मुक्तिधामो पर विद्युत शवदाहगृह लगाने के लिए सीएसआर मद से दिये गये डेढ़ करोड़ के शवदाहगृह प्लांट का है जो 3 साल बाद भी शुरू नही हो सका कबाड़ में तब्दील हो रहा।

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