

बिलासपुर। बिलासपुर एसीबी /आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मुंगेली जिले के एक रिश्वतखोर पटवारी को 25000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा।
एसीबी से मिली जानकारी के मुताबिक गत 30 मई को जिला बिलासपुर के नगर पंचायत बोदरी निवासी टोप सिंह अनुरागी ने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई कि उसके और उसके भाई बहनों के नाम पर मुंगेली के ग्राम केसली कला 1.43,एकड़ जमीन है। रिकॉर्ड में उसका नाम टोप सिंह की जगह तोप सिंह लेख हो गया है और बहन के नाम के आगे पिता के नाम की जगह पति लेख हो गया है जिसे सुधार कराने के लिए और जमीन का नक्शा, खसरा ,बी वन प्राप्त करने के लिए वह केसलीकला पटवारी उत्तम कुर्रे से मिला, तो पटवारी ने काम के एवज में 25000 रुपए की मांग की ।


एसीबी ने शिकायत के सत्यापन के बाद तय योजना के तहत मंगलवार 10 जून पटवारी को टोप सिंह से 25000 रुपए की रिश्वत लेते उसके मुंगेली सुरी घाट ऑफिस से रंगे हाथों पकड़ लिया। जिससे आसपास हड़कंप मच गया।पकड़े गए पटवारी से रिश्वत की रकम जप्त कर एसीबी के द्वारा उसके विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की जा रही है तथा कार्यवाही उपरांत आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्यवाही की जायेगी।
पटवारी उत्तम कुर्रे दाऊपारा जिला मुंगेली का निवासी है।
मुंगेली जिले में 6 माह के भीतर भृष्ट अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी की यह 4 थी कार्रवाई है। इसके पूर्व प्राचार्य मालिक राम मेहर और बाबू हनी शर्मा ,राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक नरेश साहू ,पटवारी सुशील जायसवाल और उसके सहायक तथा,पुलिस विभाग के सहायक उप निरीक्षक राजा राम साहू और उसके सहायक के विरुद्ध एसीबी ने ट्रैप की कार्यवाही की थी।एसीबी सूत्रों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्यवाही अनवरत जारी रहेगी।।



